Darjeeling Toy Train Journey: हिमालय की गोद में यादगार सफर, टिकट और पूरी जानकारी
भारत में ऐसी कई यात्राएं हैं जो सिर्फ एक जगह घूमने तक सीमित नहीं होतीं, बल्कि जिंदगी भर की याद बन जाती हैं। ऐसी ही एक खूबसूरत यात्रा है दार्जिलिंग टॉय ट्रेन का सफर। बादलों से ढके पहाड़, ठंडी हवाएं, हरे-भरे चाय के बागान और छोटी-सी ट्रेन की धीमी रफ्तार इस सफर को बेहद खास बना देती है। दार्जिलिंग टॉय ट्रेन, जिसे दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे ( Darjeeling Himalayan Railway ) भी कहा जाता है, भारत की सबसे प्रसिद्ध पहाड़ी रेल यात्राओं में से एक है। यह सफर आपको प्रकृति के इतने करीब ले जाता है कि हर पल यादगार बन जाता है। दार्जिलिंग टॉय ट्रेन का इतिहास दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे की शुरुआत साल 1881 में हुई थी। उस समय पहाड़ों तक पहुंचना बहुत मुश्किल था, लेकिन इस रेलवे ने मैदानी इलाकों को दार्जिलिंग से जोड़ दिया। इस ट्रेन की खास बात इसकी छोटी पटरी ( Narrow Gauge ) और पहाड़ी रास्तों पर चलने की तकनीक है। यही कारण है कि इसे यूनेस्को द्वारा World Heritage Site का दर्जा दिया गया है। आज भी यह ट्रेन पुराने समय की याद दिलाती है और देश-विदेश के पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करती है। दार्जिलिंग टॉय ट्रेन यात्रा कैसी ...